कोरोना काल में पैसे की कमी ना हो, इसके लिए कर लें ये 6 तैयारी
कोविड-19 (Covid-19) महामारी ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर कहर बरपाया है। कंपनियां अपने-अपने कारोबारी मॉडल की रिस्ट्रक्चरिंग कर रही हैं।

द इंडियन सोसाइटी ऑफ लेबर इकोनॉमिक्स को आशंका है कि निकट भविष्य में इस महामारी का सबसे बुरा असर नैकरियां खोने के रूप में दिखाई देगा। सेंटर फॉर मॉनीटरिंग इंडियन इकानॉमी (CMIE) से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक जब से लॉकडाउन शुरू हुआ है, भारत की औसत बेरोजगारी दर 24% के आसपास मंडराती रही है, जो मार्च की बेरोजगारी दर 8.8% से बहुत बड़ी उछाल है। जबकि असंगठित क्षेत्र के श्रमिक जून माह के दौरान बेरोजगारी में आई तेज गिरावट की वजह बने हैं, औपचारिक क्षेत्रों में रोजगार की बहाली अभी दूर लग रही है। ये काम और नौकरियां चली जाने की मार परिवारों पर पड़ी है और इससे घरेलू आय का टोटा पड़ गया है।
लिक्विडिटी को दुरुस्त रखें

मनमौजी खर्चों से बचने के लिए मासिक घरेलू बजट का एक खाका बनाएं। जबकि आपको अपना पूरा पैसा चलनिधि (लिक्विडिटी) के रूप में रखना उत्तम लग सकता है, दीर्घावधि में यह नुकसानदायक सिद्ध हो सकता है। अति आवश्यक कार्यों के लिए ही नकद राशि अपने हाथ में रखें, वरना बचत राशि को खर्च कर देने का खतरा पैदा हो जाएगा और यह महामारी बीतते-बीतते आप ठन-ठन गोपाल बन सकते हैं।
निवेश का प्रबंधन करें

लघु-अवधि वाली लिक्विडिटी के रास्ते तलाशने के लिए अपने वित्तीय पोर्टफोलियो की समीक्षा करें। यदि आपको पैसों की सख्त जरूरत है तो इक्विटी से जुड़े निवेश की बजाए अपनी किसी बैंक एफडी या डेट फंड को बेचना शुरू करें। जब तक जीवन-मरण का प्रश्न न हो, तब तक अपनी सेवानिवृत्ति अथवा संतान के भविष्य की योजनाओं के लिए निर्धारित बचत को हाथ न लगाएं। अपने ऊंचे जोखिम वाले निवेश को कम जोखिम वाले निवेश में स्थानांतरित करने जैसे आसान उपाय भी बहुत बड़ा फर्क पैदा कर सकते हैं।
कर्ज को संभालें

नौकरी खोने या काम से कुछ दिनों की छुट्टी किए जाने के बाद जो सबसे चिंताजनक बात होती है, वह ये है कि घर, कार या दूसरे पर्सनल लोन की ईएमआई आखिर कैसे भरी जाए! यदि आप अपने वादे पूरे कर पाने में सक्षम नहीं हैं, तो अपने बैंक से कुछ महीनों के लिए कोई ईएमआई अवकाश लेने की बात करें। कुछ बैंक इस ईएमआई स्थगन पर हर्जाना वसूल सकते हैं, लेकिन आपकी तात्कालिक चिंताएं दूर हो जाएंगी।
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने से बचें

वर्तमान अनिश्चितता से कुछ सीखें
एक बार अपनी वित्तीय स्थिति सामान्य होने के बाद खुद के द्वारा झेली गई चुनौतियों से सबक सीखें। भविष्य में खुद के लिए और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए आप एक आकस्मिक-फंड (Emergency Fund) तैयार करने की सोच सकते हैं। अपनी बचत बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करें। सेवानिवृत्ति जैसे दीर्घावधि के लक्ष्यों की दिशा में धन जुटाने हेतु गारंटी वाली बचत और आय योजनाओं का आकलन करें।
टर्म और हेल्थ इंश्योरेंस जैसे कवच हों

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